Haar jeet Hindi Kahani: मंगला राम खेत की मेढ़ पर बैठा हुवा था।  उसके सामने दो बैल बुर तरह से लड़ रहे थे ।  काफी घमासान के बाद एक बैल ने मैदान छोड़ दिया और भाग गया।  मंगला ने देखा जो बैल भाग गया वह बुरी तरह से जख्मी हो गया था।   और कई जगह से खून बह रहा था।    दूसरा बैल भी अब लंगड़ा कर चल रहा था और वो भी जख्मी था।    

भले ही नतीजा आ गया पर हारे तो दोनों ही।  उनके साथ भी तो ऐसा ही हुवा था।  पडोसी के साथ खेत के बगल से नाली निकालने पर विवाद हुवा था।  काफी मारा पीटी हुई।  थाना ,कोर्ट ,कचहरी ,गिरफ्तारी ,पेशी और सजा।  दोनों पक्षों के लाखों रूपये खर्च हो गए।  समय व धन की काफी बर्बादी हुई।  दोनों घरों के दो-दो लोगों को पांच साल की सजा हुई। 

अपनी ज़मीन गिरवी रखनी पड़ी और कर्जा चढ़ गया।  मामला दस साल चला।  वैसे कहना को तो वो केस जीत गए।  परुन्त हकीकत में जीत किसी की भी नहीं हुई।  दोनों ही पक्ष हारे।  अगर मिलकर इस छोटे से मुद्दे को आपस  में सुलझा लेते तो इतना बड़ा नुक्सान नहीं होता।  यह कैसी जीत कैसे हार।

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